Firaq Gorakhpuri Shayari फ़िराक़ गोरखपुरी की कुछ चुनिंदा शायरी


Firaq Gorakhpuri Shayari: फ़िराक़ गोरखुरी जी भारत के एक बेहद प्रभावशाली शायर थे। यहाँ पर पढ़िए फ़िराक गोरखपुरी जी की कुछ बेहद ही ख़ास शायरी हिंदी में जो आपको ज़रूर पसंद आएँगी।

Firaq Gorakhpuri Shayari

Firaq Gorakhpuri Shayari

तुम इसे शिकवा समझकर किस लिए शरमा गए
मुद्दतों के बाद देखा था तो आँसू आ गए।

एक मुद्दत से तिरी याद भी आई न हमें
और हम भूल गये हों तुझे ऐसा भी नहीं।

आई है कुछ न पूछ क़यामत कहाँ कहाँ
उफ़ ले गई है मुझको मोहब्बत कहाँ कहाँ।

कुछ इशारे थे जिन्हें दुनिया समझ बैठे थे हम
उस निगाह-ए-आशना को क्या समझ बैठे थे हम।

मैं हूँ दिल है तन्हाई है
तुम भी होते अच्छा होता।

रोने को तो जिंदगी पड़ी है
कुछ तेरे सितम पे मुस्कुरा लें।

न जाने अश्क़ से आँखों में क्यों है आये हुए
गुजर गया जमाना तुझे भुलाये हुए।

बहुत पहले से ही उन क़दमों की आहट जान लेते हैं
तुझे ऐ जिंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं।

कम से कम मौत से ऐसी मुझे उम्मीद नही
जिंदगी तूने तो धोके पे दिया है धोका।

मौत का भी इलाज हो शायद
ज़िन्दगी का कोई इलाज नहीं।

Nida Fazli Poetry >>


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